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| चित्र साभार गूगल |
एक गीत -इस चिड़िया के उड़ जाने पर
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| चित्र साभार गूगल |
एक गीत -इस चिड़िया के उड़ जाने पर
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| यह गीत 24 मार्च को अमर उजाला के मनोरंजन पृष्ठ पर प्रकाशित हो गया |
एक होली गीत -रंग वो क्या जो छूट गया
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| बरसाने की लट्ठमार होली चित्र साभार गूगल |
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| माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी |
एक गीत -बजता सुन्दर इकतारा है
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| स्मृतिशेष कथा लेखिका उषाकिरण खां |
इस ग़ज़ल के मतले का शेर कथा लेखिका उषाकिरण खां को समर्पित है
एक ग़ज़ल -मैंने दिल से कुछ कहा
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| चित्र साभार गूगल |
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| चित्र साभार गूगल |
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एक गीत -मन की खुशबू कहाँ पुरानी होती है
मन की
खुशबू कहाँ
पुरानी होती है.
चित्रों की
भी प्रेम -
कहानी होती है.
फूल नहीं
देखा
खुशबू पहचान गया,
भौँरा
जंगल, बस्ती
सबको जान गया,
फागुन की
हर शाम
सुहानी होती है.
वंशी की
आवाज़
नदी की लहरों में,
अक्सर
चाँद रहा
मेघोँ के पहरों में,
आँखों की
भी बोली
बानी होती है.
पहली-
पहली भेंट
युगों के किस्से हैं '
धूप -छाँह
सुख दुःख
जीवन के हिस्से हैं,
किस्मत वाली
बिटिया
रानी होती है.
कवि /गीतकार
जयकृष्ण राय तुषार
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| चित्र साभार गूगल |
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| श्रीराम जी बाल रूप में |
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| दैनिक हिंदुस्तान में 21 जनवरी को प्रकाशित |
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| चित्र साभार गूगल |
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| प्रभु श्रीराम |
एक भक्ति गीत -श्रीराम हूँ मैं
चारो युग, चारो वेद सृष्टि
संतों का सुख अभिराम हूँ मैं
मैं सदा धर्म का रक्षक हूँ
त्रेता युग का श्रीराम हूँ मैं
इस लोक में मैं लीलाधर हूँ
द्वापर का मुरलीवाला हूँ
सतयुग का वामन ब्राह्मण हूँ
मैं परशुराम की ज्वाला हूँ
गंगा यमुना मेरे पग में
सरयू का पावन धाम हूँ मैं
मैं बाल्मीकि के छंदों में
मैं तुलसी की चौपाई हूँ
मैं कर्म ज्ञान हूँ गीता का
मैं सीतापति रघुराई हूँ
जिस जगह निरंकुश पाप बढ़े
उस धरती पर संग्राम हूँ मैं
सब भक्त मुझे पा जाते हैं
मैं भक्तों का उद्धारक हूँ
बस अहंकार भोजन मेरा
मैं रावण का संहारक हूँ
मैं आदि, अनंत, अजन्मा हूँ
निर्गुण भी सगुण निष्काम हूँ मैं
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| चित्र साभार गूगल |
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| चित्र साभार गूगल |
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| चित्र साभार गूगल |
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| 01-01-2024 दैनिक जागरण पुनर्नवा में प्रकाशित |
चित्र साभार गूगल एक पुराना गीत एक प्रेम गीत-बाँसुरी मैं छोड़ दूँगा गीत अधरों पर सजाकर आलमारी में कहीं फिर भागवत रख दो सजाकर । पास में बै...