Showing posts with label एक गीत -अँगारों से फूल न मांगों. Show all posts
Showing posts with label एक गीत -अँगारों से फूल न मांगों. Show all posts

Sunday, 8 May 2022

एक गीत -अँगारों से फूल न मांगो

 

चित्र सभार गूगल

एक गीत - अँगारों से फूल न मांगो


अँगारों से

फूल न माँगो

दरिया से बरसात नहीं ।

सफऱ

धूप में जब हो अपना

शोख चाँदनी रात नहीं ।


नंगे पाँव

कंटीले पथ में 

उफ़ मत करना चलते जाना,

शोक गीत

मत लिखना प्यारे

हँसकर सबसे मिलते जाना,

बुझ बुझ कर भी

जलना दीपक

जीवन भर यह मात नहीं ।


वंशी छूटे

नहीं होंठ से

जग दीवाना हो जाएगा,

सूरज तो

कल निकलेगा ही

तम का दानव खो जाएगा

दुनिया आँसू

नहीं पोछती

पढ़ती है जज़्बात नहीं ।


नींद रहे या

रहे जागरण 

कभी छोड़ना मत सपना,

मौसम कोई

राग सुनाये

तुम आशा के स्वर लिखना,

मिट्टी की

महिमा से बेहतर

चन्दन की सौगात नहीं ।

जयकृष्ण राय तुषार

चित्र सभार गूगल


एक गीत -मोगरे का फूल जूड़े में

  चित्र साभार गूगल  एक गीत -मोगरे का फूल जूड़े में  मोगरे का फूल  जूड़े में  सजाती है.  नदी हँसकर  ज़िन्दगी का   गाती  है. धूप -छाँही  सफऱ में ...