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| वरिष्ठ हिंदी गीत कवि -श्री माहेश्वर तिवारी |
वरिष्ठ गीत कवि आदरणीय माहेश्वर तिवारी जी के लिए जिन्हें बीमारी के बाद नया जीवन मिला है अब स्वस्थ होकर घर पर आ गये हैं -शतायु होने की शुभकामनाओं के साथ
माहेश्वर तिवारी जी के लिए एक गीत -
उसका होना उज्जयिनी में कालिदास के होने जैसा
उसका होना उज्जयिनी में कालिदास के होने जैसा
फूलों सा
मुरझा करके भी
लौटा जो वह गीतकार है |
उसका हँसना
छन्द सरीखा
उसका लिखना चमत्कार है |
पीतल की
नगरी में रहकर
जिसका दिल है सोने जैसा ,
उसका होना
उज्जयिनी में
कालिदास के होने जैसा ,
सब ऋतुओं का
रंग समेटे
मेघदूत की वह पुकार है |
उसकी कलम
कनेरों वाली
शब्दों में जादुई छुवन है ,
कविता के
निःस्सीम क्षितिज पर
इन्द्रधनुष सा उसका मन है |
गीतों को भी
वह प्यारा है
उसे गीत से बहुत प्यार है |
सोंधी मिटटी का
माहेश्वर
हिम शिखरों का नहीं पुजारी ,
वह बसंत के
फूलों जैसा
उसका घर फूलों की क्यारी ,
कवि शतायु
तक लिखते जाना
जीवन गीतों का उधार है |
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| कनेर के फूल |

