Tuesday, 23 June 2026

एक गीत -बारिश की फुहार में भींगे

 

चित्र साभार गूगल 

एक गीत -बारिश की फुहार में भींगे 


बारिश की 

फुहार में भींगे 

फूलों वाला गीत कहाँ है?

झुर झुर झुर झुर 

हवा, नीम के 

नीचे बैठा मीत कहाँ है?


कीचड़ सने 

पाँव हैं लेकिन 

धानी सपने हरे धान के,

सूखे घाट 

बनारस वाले 

किस्से सुनते रहे पान के,

सड़कों पर 

कोलाहल पसरा 

काशी का संगीत कहाँ है?


कालिदास के 

मेघदूत की 

आँखों में भी पानी कम है,

कड़ी धूप में 

उजले बादल 

देख देख जंगल बेदम है,

टूटी रीलों वाले 

कैसेट में 

गाता जगजीत कहाँ है?


पाट नदी के 

सूखे सूखे 

टूटी नौका चाँद निहारे,

अंजुरी भर 

जल ढूंढ़ रहे हैं 

जंगल जंगल हिरन कुँवारे,

साँझ ओसारे 

जलते दीपक 

ढूंढ रहे मनमीत कहाँ है?


चित्र साभार गूगल 


कवि /गीतकार 

जयकृष्ण राय तुषार 

Monday, 15 June 2026

एक देशगान -यह देश सुदर्शन वाला है

 

भगवान श्रीकृष्ण 


एक देशगान -यह देश सुदर्शन वाला है 


अमरीका धमकी मत देना 

यह देश सुदर्शन वाला है.

इसमें तलवार मराठो की 

इसमें प्रताप का भाला है.


गौरांग रंग का अहं तुझे 

मानवता और संस्कार नहीं,

लालची, स्वर्थी आतंकी 

तुझको दुनिया से प्यार नहीं,

तू देख महाकाली, भैरव 

ग्रीवा में शिव के हाला है.


जितने तेरे सैनिक 

उतने भारत में सन्यासी हैं,

आज़ाद भगत, अशफाक यहीं 

नेता से भारतवासी हैं,

सर देख हिमालय का ऊँचा 

यह कई भुजाओं वाला है.


संयुक्त राष्ट्र अब अर्थहीन 

अब विश्व व्यवस्था हो नवीन,

न्यूयार्क हुआ नरभक्षी अब 

अजगर दुनिया के लिए चीन,

तेरे विषधर फन के खातिर 

गोकुल का मुरलीवाला है.

नेताजी 


Saturday, 13 June 2026

एक यात्रा -पुरी भगवान जगन्नाथ की

  पुरी यात्रा दिनांक 7 जून को पुरुषोत्तम मास में पुरुषोत्तम ट्रेन से प्रारम्भ हुई 8 जून को तेज बारिश में भींगकर भगवान जगन्नाथ जी की कृपा से दर्शन हुआ. बेड़ी हनुमान, गुंडीचा देवी,जगन्नाथ जी की ससुराल,बलिया पांडा बीच, कोणार्क, लिंगराज मंदिर, चंद्रभागा बीच पुरी बीच का आनंद लिए. 8  जून को वैवाहिक वर्षगांठ थी. सबसे अनूठी मुलाक़ात सहृदय व्यक्तित्व के अधिकारी और लेखक आदरणीय परमेश्वर फुंकवाल सर और उनकी श्रीमती जी से हुई. काफ़ी सम्मान मिला सर रेलवे पूर्वी तट के महाप्रबंधक पद पर भुवनेश्वर में तैनात हैं. 11 जून को वापसी टिकट वेटिंग लिस्ट था लेकिन आदरणीय परमेश्वर फुंकवाल सर के सहयोग से यात्रा निर्विघ्न सम्पन्न हुई. इस यात्रा में सम्मानीय मेंबर (न्यायिक) एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल(C. A. T.) आदरणीय श्री रजनीश कुमार राय जी का सहयोग भी अप्रतिम रहा.इस धार्मिक यात्रा में मेरी पत्नी श्रीमती मंजुला राय और बेटी सौम्या राय साथ थी.जय जगन्नाथ जी.


जगन्नाथ जी पुरी 



चंद्रभागा बीच 

कोणार्क मंदिर 



लिंगराज मंदिर 

भुवनेश्वर महाप्रबंधक पूर्वी तट रेलवे आदरणीय श्री 
परमेश्वर फुंकवाल जी और मैं साथ में मिसेज़ फुंकवाल 
और मेरी पत्नी श्रीमती मंजुला राय पुस्तक भेंट 



Thursday, 4 June 2026

एक देशगान -गीता के वैभव को समझो

 

भारत माता चित्र साभार गूगल 

एक देशगान -गीता के वैभव को समझो 


षड़यंत्र विदेशी 

गहरा है 

बस मातृभूमि से प्यार करो.

भारत माँ 

अपराजेय रहे 

अब सरहद पर यलगार करो.


सत्ता के लोभी 

शकुनि सभी 

दुश्मन से हाथ मिलाते हैं,

भारत की मिट्टी में 

जन्मे गद्दार 

हमें धमकाते हैं,

हे कल्कि 

अवतरण लो जल्दी 

इस धरती का उद्धार करो.


कुछ राष्ट्र विधर्मी 

दुनिया को 

हर क्षण संकट में डाल रहे,

उन्मादी, आतंकी 

राक्षस 

विष कन्याओं को पाल रहे,

गीता के 

वैभव को समझो 

अर्जुन फिर प्रबल प्रहार करो.


मतभेद स्वार्थ से 

दूर रहो 

बस राष्ट्र धर्म की जय बोलो,

डमरू, त्रिशूल ले

हाथों में 

हे नीलकंठ ऑंखें खोलो,

तांडव नर्तन की 

ज्वाला से 

फिर असुरों का संहार करो.


कवि -जयकृष्ण राय तुषार 

शिव तांडव 


Monday, 1 June 2026

एक गीत -भींगा मौसम

 

चित्र साभार गूगल 

एक गीत -भींगा मौसम 


एक गीत -भींगा मौसम 


भींगा मौसम 

छत पर कोई 

और चाँदनी रात.

बेला, गुड़हल 

चम्पा, जूही 

सबसे होगी बात.


तेज हवा के 

झोंके मन की 

खिड़की खोल रहे,

इंद्रधनुष के 

आँगन में 

खुश बादल डोल रहे,

घाटी -घाटी 

बनजारों के 

संग हैं कोल -किरात.


नदी ढूँढते 

पंछी सारे 

जून -जुलाई के,

नई -नई 

आँखों में सपने 

गोद भराई के,

मंडप -मंडप 

कलश सजे हैं 

हल्दी, दही, परात.


नज़र झुकाये राही 

कच्चे रस्ते 

फिसलन के,

रह रह किस्से 

याद आ रहे 

भूले बचपन के,

हरे हरे 

पत्तों पर गिरती 

बूंदों का आघात.

चित्र साभार गूगल 


कवि /गीतकार 

जयकृष्ण राय तुषार 

एक गीत -बारिश की फुहार में भींगे

  चित्र साभार गूगल  एक गीत -बारिश की फुहार में भींगे  बारिश की  फुहार में भींगे  फूलों वाला गीत कहाँ है? झुर झुर झुर झुर  हवा, नीम के  नीचे ...