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| चित्र -साभार गूगल |
मित्रों हम सभी एक अदृश्य महामारी से जूझ रहे हैं इस पर हमको विजय भी पाना है इसके लिए मनोबल को ऊँचा रखना भी सावधानी के साथ आवश्यक है | इस सांकेतिक प्रेम गीत के माध्यम से मनोबल को बढ़ाने की एक तुच्छ कोशिश |आप सभी सपरिवार स्वस्थ रहें यही मेरी ईश्वर से प्रार्थना है |सादर
एक गीत -
टोकरी भरकर गुलाबी फूल लाऊँगा
टोकरी
भरकर
गुलाबी फूल लाऊँगा |
इस
हवा को मैं
सुगन्धों से सजाऊँगा |
हँसो चम्पा !
डरो मत
यह समय बीतेगा ,
आदमी
इस वायरस से
जंग जीतेगा ,
मैं -तुम्हारे
वायलिन
पर गीत गाऊँगा |
हरे पत्तों
से हवा
माँगो नदी से जल ,
लौट आयेंगे
गगन में
वृष्टि के बादल ,
इसी
माटी पर
हरेपन को सजाऊँगा |
फिर हँसेंगे
बाजरे
और धान खेतों में ,
दौड़ते
होंगे हिरन
दिनमान रेतों में ,
चाँदनी
में फिर
तुम्हें किस्से सुनाऊँगा |
कवि -जयकृष्ण राय तुषार

