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| चित्र साभार गूगल |
एक देशगान -हर बच्चा गोरा -बादल हो(इतिहास प्रसिद्ध वीर योद्धा जिन्होंने खिलजी से राजा रत्नसेन को मुक्त कराया था )
फिर सरहद पर
हो शंखनाद
तुरही, नक्कारा, मादल हो.
इस भारत माँ
की मिट्टी में
हर बच्चा गोरा -बादल हो.
हल्दी घाटी का
शौर्य देख
इसका हर कण -कण चंदन है,
यह स्वर्ग
यहाँ रामायण
गीता, सीता का अभिनन्दन है,
मुख में
ब्रह्माण्ड लिए कान्हा
मस्तक पर टीका, काजल हो.
निर्मित कर
फिर से नालंदा
संदीपनी आश्रम तक्षशिला,
चाणक्य
गढ़ो फिर चन्द्रगुप्त
घननंदों का साम्राज्य हिला,
केरल हो या कश्मीर
सभी की
झीलों में अब शतदल हो.
जो लक्षागृह तक
जाता हो
हे पाण्डुपुत्र वह मार्ग बदल,
जिसमें
शतरंज शकुनि का हो
उस राजमहल से तुरत निकल,
उस पर
अंकुश से वार करो
जो हाथी मद में पागल हो.
कवि -जयकृष्ण राय तुषार
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| चित्र साभार गूगल |
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