Wednesday, 13 October 2021

विश्व राजनेता मोदी जी

माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार 
श्री नरेंद्र मोदी जी 



मोदी जी अब विश्व नेता बन चुके हैं-भारत की अलग पहचान बनाने वाले प्रधानमंत्री

फिर विकास का दिया जलेगा 
तुष्टिकरण अब नहीं चलेगा 
राष्ट्रवाद के प्रहरी जागो 
गाँव -गाँव फिर कमल खिलेगा 


जयकृष्ण राय तुषार 
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। मोदी जी का मंत्र सबका साथ सबका विकास कामयाब होगा।एक नए भारत का उदय हो रहा है।  मोदी को विश्व मीडिया,भारतीय मीडिया और भारत के बुद्धिजीवी खलनायक बनाने की कोशिश करते रहे लेकिन मोदी जी के बिना भेदभाव के काम से प्रभावित हैं।अपने संकल्प के साथ अपने मार्ग में बढ़ते गए।आज महाशक्तियां भी उनका लोहा मानने को विवश हैं।

कश्मीर समस्या,राम मंदिर और तीन तलाक कानून मोदी जी का अतुलनीय कार्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में ही भारतीय योग विश्व मे प्रतिष्टित हुआ है। काशी विश्व नाथ मंदिर का सुंदरीकरण,परिसर का भव्य स्वरूप ,काशी का आधुनिकीकरण आदि।

भारतीय मुस्लिम-
कुछ प्रतिशत को छोड़ दिया जाय तो भारत के मुस्लिम समाज के लोग भी अब मोदी जी के बिना भेदभाव के कार्य और योजनाओं से प्रभावित हैं।मुस्लिम विपक्ष की राजनीति से भी सजग हो गए हैं।केंद्र सरकार की तमाम योजनाएं बिना किसी भेदभाव के चल रही हैं।दंगों पर नियंत्रण हुआ शांति अमन कायम है ।विकास के लिए अमन का कायम होना जरूरी है।मुस्लिम समाज को भी चाहिए अपनी शिक्षा,जनसंख्या नियंत्रण के साथ कानून और वक्त के बदलाव को समझें ।भारत के विकास में अपना सौ प्रतिशत दें राष्ट्रपति कलाम जी को अपना आदर्श मानें।भारत के मुसलमान विश्व में अपने अच्छे कार्यों से देश की छवि को बेहतरीन बनाये।अपने समाज को भी तरक्की की राह पर ले जाएं।भारत से बेहतरीन और सुंदर राष्ट्र विश्व मे गिने चुने हैं।

योजनाएं
केंद्र सरकार ने दलालों,,विचौलियों का खेल, डिजिटल लेन  देन से बंद कर दिया ।एन0जी0 ओ0का खेल बन्द किया।निरन्तर सड़कों को बेहतर बनाने का काम गडकरी जी ने किया। ग्रामीण संपर्क मार्ग अटल जी ने शुरू किया।
जन धन खाता,किसान क्रेडिट कार्ड योजना,आवास,उज्ज्वला योजना,वन नेशन वन राशन कार्ड,किसानों को खाते में सीधे पैसा दिया गया।उपग्रहों की मदद से किसानों,मछुआरों को समय पर अलर्ट जारी किया जाने लगा। किसानों के हित के लिए हमारी केंद्र सरकार ने शानदार कार्य किया है ।देश के किसान खुशहाल हैं कुछ आन्दोलनजीवियों को छोड़कर ।

भारतीय सेना भारतीय सेना को तेजी से आधुनिक बनाने के साथ उसका मनोबल बढ़ाने का काम किया गया।भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन,इसरो को खुली छूट मिली देश की रक्षा जरूरतों को पूर्ण करने के लिए।दुश्मन का मनोबल सर्जिकल स्ट्राइक से तोड़ा गया।चीन का भौकाल मोदी ने खत्म कर दिया।भारत आज दुश्मनों में भय पैदा करता है।घुटने नहीं टेकता।

मोदी की प्रशंसा भारत में भले न हो विदेशों में यहां तक शत्रु राष्ट्र भी करते हैं।निरन्तर कार्य करना नई सोच को विकसित करना मोदी जी की बेहतरीन आदत है।मोदी जी ने भारतीय योग को भी विश्व मे प्रतिष्टित किया है।

आतंक -मोदी जी के पहले आतंकियों को राष्ट्रभक्त बताने का चलन विपक्ष ने वोट के लिए शुरू किया था।मोदी जी ने आतंक का अंत करने की ठान लिया और सरहद पर ही आज हमारे सुरक्षा बल काम तमाम कर दे रहे हैं।परिवार वाद लूटतंत्र पर कड़ा प्रहार मोदी राज में हुआ।




कश्मीर समस्या का समाधान,राम मंदिर ,तीन तलाक यादगार काम है जिसे पीढ़ियाँ याद रखेंगी।

माननीय प्रधानमंत्री जी आप भारत को विश्व गुरु बनाने में कामयाब हों।वन्देमातरम।

जयकृष्ण राय तुषार
उर्फ़
जयकृष्ण नारायण शर्मा
अधिवक्ता केंद्र सरकार



Tuesday, 12 October 2021

एक ग़ज़ल -उसी के क़दमों की आहट

 

चित्र साभार गूगल 

मित्रों मेरी यह ग़ज़ल भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित 'हिंदी की बेहतरीन ग़ज़लें 'साझा संग्रह में प्रकाशित है |स्मृतिशेष रवीन्द्र कालिया जी और श्री ज्ञानप्रकाश विवेक जी के सम्पादन में |

एक ग़ज़ल -उसी के क़दमों की आहट 

उसी के क़दमों की आहट सुनाई देती है 
कभी -कभार वो छत पर दिखाई देती है 

वो एक ख़त है जिसे मैं छिपाए फिरता हूँ 
जहाँ खुलूस की स्याही दिखाई देती है 

मैं उससे बोलूँ तो वो चुप रहे ख़ुदा की तरह 
मैं चुप रहूँ तो ख़ुदा की दुहाई देती है 

तमाम उम्र उँगलियाँ मैं जिसकी छू न सका 
वो चूड़ी वाले को अपनी कलाई देती है 

वो एक बच्ची खिलौनों को तोड़कर सारे 
बड़े खुलूस से माँ को सफ़ाई देती है 
जयकृष्ण राय  तुषार 
एक पुरानी पोस्ट 

श्री रवीन्द्र कालिया
पूर्व निदेशक भारतीय ज्ञानपीठ 

अपने शानदार लेखन और बेजोड़ सम्पादकीय हुनर के लिए भारतीय ज्ञानपीठ के पूर्व निदेशक और नया ज्ञानोदय के पूर्व सम्पादक रवीन्द्र कालिया हमेशा याद किये जाते रहेंगे | डॉ धर्मवीर भारतीय के साथ धर्मयुग से लम्बे समय तक जुड़े रहने के बाद इलाहाबाद में कालिया जी ने गंगा -जमुना का सम्पादन कर पत्रकारों की एक पीठी तैयार किया | ज्ञानपीठ को सचल बनाया और इलाहाबाद आकर ज्ञानपीठ ने अमरकांत को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया |नया ज्ञानोदय के कई लोकप्रिय विशेषांक कालिया जी के संपादन में प्रकाशित हुए जिसमें युवा विशेषांक ,प्रेम महाविशेषांक और ग़ज़ल महाविशेषांक विशेष रूप से चर्चित रहे | ग़ज़ल महाविशेषांक में उर्दू हिंदी गजलकारों को साथ -साथ प्रकाशित किया गया | बाद में उर्दू की बेहतरीन ग़ज़लें किताब के रूप में हमारे सामने आ गयी |अब हिंदी की बेहतरीन ग़ज़लें पुस्तक रूप में हमारे सामने है |इस किताब के प्रधान सम्पादक रवीन्द्र कालिया और सम्पादक ज्ञानप्रकाश विवेक हैं |इस संग्रह में कुल 64 गजलकारों को सम्मलित किया गया है |अमीर खुसरो ,कबीर ,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ,बद्रीनारायण उपध्याय प्रेमघन ,प्रताप नारायण मिश्र ,स्वामी रामतीर्थ ,लाला भगवानदीन ,मैथलीशरण गुप्त ,जयशंकर प्रसाद ,निराला ,त्रिलोचन ,शमशेरबहादुर सिंह दुष्यंत कुमार ,बलवीर सिंह रंग ,शलभ श्रीराम सिंह ,रामावतार त्यागी ,हरजीत सिंह ,अदम गोंडवी सहित तमाम आधुनिक गजलकार [मैं भी ] इस संग्रह में शामिल हैं |हम भाई ज्ञानप्रकाश विवेक ,आदरनीय रवीन्द्र कालिया और भारतीय ज्ञानपीठ के आभारी हैं ग़ज़ल विधा पर इस सुन्दर संकलन के लिए |


पुस्तक का नाम -हिन्दी की बेहतरीन ग़ज़लें 
सम्पादक -रवीन्द्र कालिया 
प्रकाशक -भारतीय ज्ञानपीठ ,नई दिल्ली 
मूल्य -रु० -180 [सजिल्द ]

चित्र साभार गूगल 


Monday, 4 October 2021

एक प्रेमगीत-अच्छा सा मौसम हो

 

चित्र साभार गूगल

एक प्रेमगीत-अच्छा सा मौसम हो


शीशे की

खिड़की में

कोई तुमसा दिखता हो।

अच्छा सा

मौसम हो

कोई कविता लिखता हो।


नाव वहीं हो

गंगा-जमुना

मिली जहाँ हँसकर,

एक अजनबी

डरकर बाहों में

जकड़े कसकर,

नज़र झुकाए

कोई हँसकर

नीचे तकता हो ।


बेमौसम

बारिश हो

भींगे फूलों पर तितली,

आँखों में

काजल,सावन हो

होठों पर कजली,

झीलों में

डूबा-उतराता

सूरज दिखता हो ।


नुक्कड़-नुक्कड़

काशी 

मुँह में पान दबाए हो,

कोई जुड़े में

फूलों का

लॉन सजाए हो,

अपना ही

श्रृंगार देखकर

दरपन हँसता हो ।

कवि-जयकृष्ण राय तुषार


चित्र साभार गूगल


चित्र साभार गूगल

विश्व राजनेता मोदी जी

माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार  श्री नरेंद्र मोदी जी  मोदी जी अब विश्व नेता बन चुके हैं-भारत की अलग पहचान बनाने वाले प्रधानमंत्री फिर विकास ...