Wednesday, 27 May 2026

एक गीत -फिर से प्यारा मौसम होगा

 

चित्र साभार गूगल 

एक गीत -फिर से प्यारा मौसम होगा 


फिर से प्यारा 

मौसम होगा 

फूलों से बतियाएंगे.

भींगे पंखों 

वाले पंछी 

पत्तों से टकराएंगे.


धान रोपते 

खेतों में फिर 

पायल छन छन बोलेगी,

ठंडी ठंडी पुरवा 

फिर यादों की 

खिड़की खोलेगी,

प्यासे पर्वत 

झरनों का जल 

पीकर गीत सुनाएंगे.


मेहंदी, मौसम 

कजली की फिर 

बातें होंगी गलियों में,

आने वाली खुशबू 

छिपकर बैठी 

होगी कलियों में,

मेघों जैसे 

जुड़े खुलकर 

दरपन से बतियाएंगे.

चित्र साभार गूगल 


कवि -जयकृष्ण राय तुषार 

Tuesday, 26 May 2026

एक गीत -मैं अपनी वंशी को टेरूंगा

 

चित्र साभार गूगल 

एक गीत -मैं अपनी वंशी को टेरूंगा 


गाओ कुछ 

मैं अपनी 

वंशी को टेरूंगा.


खेत हुए 

अग्निकुण्ड 

चढ़ा हुआ पारा,

नदियों को 

प्यास लगी 

मौसम बेचारा,

टुकड़ा भर 

बादल बन 

अंबर को घेरूंगा.


सूख रहे 

कोकिल के कंठ 

हरे पेड़ों पर,

कहाँ गयी 

दूब हरी 

सन्नाटा मेड़ों पर,

नीम छाँह 

बनकर मैं 

धूप को तरेरूँगा.


उपवन से 

गंधहीन 

लौटती हवाएं,

रंगहीन फूलों 

को किस 

जगह सजाएँ,

दर्पण से 

पूंछूँगा 

एक हँसी हेरूंगा.


कवि -जयकृष्ण राय तुषार 

चित्र साभार गूगल 

Monday, 18 May 2026

एक भजन -जगन्नाथ भगवान

 

प्रभु जगन्नाथ जी 
एक भक्ति गीत -हे जगन्नाथ भगवान 

वृंदावन के मुरलीधर

हे जगन्नाथ भगवान.
महाभोग की महिमा गाते 
भक्त और भगवान.

बहन सुभद्रा, बलदाऊ के 
रथ की शोभा न्यारी,
स्वयं अलग रथ पर बैठे हैं 
प्रभु पीतांबर धारी,
माँ लक्ष्मी प्रभु के भक्तों को 
देती हैं वरदान.

इंद्रद्युम्न गुंडीचा विद्यापति 
पर कृपा तुम्हारी,
नील ज्योति से नीलाँचल की 
धरती जगमग सारी,
द्वार तुम्हारे पहरा देते 
रामभक्त हनुमान.

फूल गूंथती बेला 
कर्माबाई भोग लगाती,
प्रभु साक्षी गोपाल कथा को 
हर दिन पुरी सुनाती 
जब जब माधवदास बुलाते 
आते हैं भगवान.

विश्वरूप पर कृपा तुम्हारी 
हे प्रभु मोक्ष प्रदाता 
तेरी ही  लीला से 
दास निमाई भजन सुनाता 
तेरी महिमा गाते रहते 
हर युग वेद, पुरान.

जो छवि भक्तों के मन भाये 
प्रभु भी वही दिखाते 
भक्त शिरोमणि तुलसी केवल 
सियाराम को गाते,
बहुत अधिक मुश्किल है 
प्रभु की महिमा का गुणगान.

कवि /गीतकार 
जयकृष्ण राय तुषार 
जगन्नाथ जी मंदिर पुरी 


Monday, 4 May 2026

एक गीत -जीता भारत देश हमारा जीत गया बंगाल

 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस 

एक गीत -जीता भारत देश हमारा जीत गया बंगाल 

गुरुदेव रविन्द्रनाथ ठाकुर 



जीता भारत देश हमारा 
जीत गया बंगाल.
नरभक्षी बाघिन पिंजरे में 
ख़त्म हुआ भौकाल.

रामकृष्ण ठाकुर की महिमा 
फिर से वापस आए,
अमार सोनार बांग्ला फिर से 
बच्चा बच्चा गाए,
हर बेटी की करे सुरक्षा 
माँ काली विकराल.

बँकिम वीर सुभाष विवेकानंद 
आज हैं प्रमुदित,
रामराज्य में न्याय मिलेगा 
जो भी शोषित वंचित,
सागर नदिया बिना किसी भय 
जाल मछेरे डाल.

संविधान की मर्यादा में 
रहें सभी अधिकारी,
भारत माँ की सूरत 
सबसे सुन्दर सबसे प्यारी,
गली गली में प्रेम रंग संग 
उड़ता रहे ग़ुलाल.

कवि /गीतकार 
जयकृष्ण राय तुषार 



चित्र साभार गूगल 


एक देशगान -यह देश सुदर्शन वाला है

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