Sunday, 29 March 2026

एक गीत -दुनिया को युद्ध से बचाना

 

चित्र साभार गूगल 
युद्ध किसी के लिए अच्छा नहीं होता.आतंक और युद्ध दोनों मानवता के विरुद्ध अपराध हैं.दुनिया को युद्ध में धकेलने वाले महानायक नहीं बन सकते. ईरान और अमरीका दोनों को विश्व शांति की प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए. आतंक और जेहाद फैलाने वाले देशों पर कड़ा प्रतिबंध लगना चाहिए.प्रेम और शांति ही मानवता की रक्षा कर सकते हैं. सृजन और संहार ईश्वर का कार्य है महाकाल के कार्य में मनुष्य को दखल नहीं देना चाहिए. विश्व में शांति ही सबसे सुन्दर विकल्प है.

दुनिया को युद्ध से बचाना 


बेला के 
फूलों से 
केश को सजाना.
ओ अशांति 
दुनिया को 
युद्ध से बचाना.

चिड़ियों के 
पँख बचे 
नदियों में धार रहे,
बारूदी गंध 
मिटे 
दुनिया में प्यार रहे,
ओ वंशीधर 
अपनी 
बॉसुरी बजाना.

राग बचे 
रंग बचे 
पानदान पान रहे,
पूरब से 
पश्चिम तक 
मोहक मुस्कान रहे,
झुकी हुई
नज़रों में 
आग मत सजाना.

इंद्रधनुष 
क्षितिजों पर 
सावन में आएंगे,
झील -ताल 
भींगेंगे 
प्रेम गीत गाएंगे,
मिलने को 
ढूंगेंगे 
लोग फिर बहाना.

दम्भ लिए
चेहरों  पर 
कोमल सा भाव खिले,
हिंसा की 
पगडण्डी को 
फिर से बुद्ध मिले,
धूप के 
कटोरे में 
चाँदनी सजाना.

कवि -जयकृष्ण राय तुषार 

चित्र साभार गूगल 


Friday, 27 March 2026

एक गीत -होठों पर मधुर हँसी

 

चित्र साभार गूगल 

घाटी में 

घूम लिए 
फूलों को चूम लिए.
कुछ तो है 
मौसम की 
अनकही कहानी में.

बंजर, पर्वत 
पठार, नदियों की 
संध्याएँ,
सबके हैं 
गीत अलग 
और अलग भाषाएँ.
फूल लदी 
नावों संग 
जलपंछी पानी में.

पत्रहीन पेड़ों 
के वन,
बबूल नीड़ों के,
कमरे में 
चित्र टंगे 
चाँद संग चीड़ों के,
मन का 
यायावर है 
चम्बा, कौसानी में.

होठों पर 
मधुर हँसी 
आँखों में स्वप्न सजे,
यादों की 
महफ़िल में 
फिर कहीं सितार बजे,
बचपन फिर 
खो जाए 
परियों की रानी में.

कवि -जयकृष्ण राय तुषार 
चित्र साभार गूगल 


Saturday, 14 March 2026

पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह पढ़ते हुए

 अद्भुत क्षण महान भजन गायक आदरणीय श्री अनूप जलोटा जी मेरी किताब पढ़ते हुए. और प्रसंशा करते हुए आदरणीया श्रीमती दीप्ती चतुर्वेदी जी के प्रति हृदय से कृतज्ञ हूँ जिनकी कृपा मुझ पर रहती है. आप सभी का दिन शुभ हो 

पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह 
पढ़ते हुए 


पद्मश्री अनूप जलोटा जी को 
ग़ज़ल संग्रह भेंट 26/03/2026


एक देशगान -संत विवेकानंद बनो

  संत विवेकानंद जी  एक देशगान -भारत माँ के युवा सपूतों  भारत माँ के  युवा सपूतों  फूलों का मकरन्द बनो. आर्यभट्ट,  अब्दुल कलाम  या संत विवेका...