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| कैप्टन स्मित माछर |
एक देशगान -सरयू तट पर राम लिखो
सुबह -सुबह
जब सूरज निकले
सरयू तट पर राम लिखो.
जब भी दुनिया पर
संकट हो
भारत माँ का नाम लिखो.
स्मित माछर
जैसे बेटों पर है
गर्व तिरंगा को,
यहीं भीष्म सा
बेटा मिलता
मुक्तिदायिनी गंगा को,
गीता पढ़कर
वंशी सुनती
वृंदावन की शाम लिखो.
काशी के घाटों पर
हर हर महादेव
का नाद रहे,
पूरी दुनिया में
वेदों का
मंगलमय अनुवाद रहे,
पंचवटी को
पावन करके
फिर से चारो धाम लिखो.
चंदन वन में
नाग विषैले
छद्म वेश में घूम रहे,
विषकन्याओं के
अधरों को
कुछ पाखंडी चूम रहे,
गालीबाजों का
आतंकी
गद्दारों में नाम लिखो.
फूलों की घाटी में
किसने बोया
बेर बबूलों को,
राष्ट्र धर्म से
फिर सुधारना होगा
अपनी भूलों को,
भारत माँ के
चरण कमल में
अनगिन बार प्रणाम करो.
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| सरयू माता |
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| फूलों की घाटी |
























