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| प्रभु जगन्नाथ जी |
वृंदावन के मुरलीधर
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| जगन्नाथ जी मंदिर पुरी |
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| प्रभु जगन्नाथ जी |
वृंदावन के मुरलीधर
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| जगन्नाथ जी मंदिर पुरी |
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| नेताजी सुभाष चंद्र बोस |
एक गीत -जीता भारत देश हमारा जीत गया बंगाल
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| गुरुदेव रविन्द्रनाथ ठाकुर |
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| चित्र साभार गूगल |
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| संत विवेकानंद जी |
एक देशगान -भारत माँ के युवा सपूतों
भारत माँ के
युवा सपूतों
फूलों का मकरन्द बनो.
आर्यभट्ट,
अब्दुल कलाम
या संत विवेकानंद बनो.
राष्ट्र गीत के
साथ भोर हो
हर घर लगा तिरंगा हो,
बेटे बनें
भागीरथ जैसे
बेटी सरयू-गंगा हो.
दिए जलाओ
अंधियारे में
हर पथ का आनंद बनो.
सबसे सुन्दर
देश हमारा
संविधान भी प्यारा है,
पर्वत घाटी
सागर, नदियां
हर मौसम ही न्यारा है,
देश प्रेम से
बड़ा नहीं कुछ
साथी मत जयचंद बनो.
भारत माँ
देवों को प्यारी
यह मिट्टी बलिदानी है,
चंदन की
खुशबू समीर में
अमृत जैसा पानी है,
अपने अंदर
कंस न पालो
वासुदेव या नन्द बनो.
कवि -जयकृष्ण राय तुषार
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| भारत माता |
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| चित्र साभार गूगल |
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| भारत माता चित्र साभार गूगल |
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| चित्र साभार गूगल |
दुनिया को युद्ध से बचाना
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| चित्र साभार गूगल |
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| चित्र साभार गूगल |
घाटी में
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| चित्र साभार गूगल |
अद्भुत क्षण महान भजन गायक आदरणीय श्री अनूप जलोटा जी मेरी किताब पढ़ते हुए. और प्रसंशा करते हुए आदरणीया श्रीमती दीप्ती चतुर्वेदी जी के प्रति हृदय से कृतज्ञ हूँ जिनकी कृपा मुझ पर रहती है. आप सभी का दिन शुभ हो
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| पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह पढ़ते हुए |
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| पद्मश्री अनूप जलोटा जी को ग़ज़ल संग्रह भेंट 26/03/2026 |
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| चित्र -गूगल से साभार |
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| चित्र -गूगल से साभार |
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| भारत माता |
इस देश को शर्मसार करने वालों पर अब निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वो नेता हों छात्र हों या किसी पार्टी के बदतमीज़ कार्यकर्ता कोई भी हों. राष्ट्र की गरिमा सर्वोपरि है. कुछ लोग लगातार विदेशों में जाकर भारत माँ की छवि धूमिल कर रहे हैं. अब कठोर क़ानून बनाना होगा.
जय हिन्द, वन्देमातरम
भारत माता के
मस्तक पर जो
हर दिन दाग लगाते हैं.
भारत की
संसद में
ऐसे गद्दार कहाँ से आते हैं.
भारत माता है
पराशक्ति
इसके त्रिनेत्र को मत खोलो,
सरहद के
अंदर रहना है तो
भारत माँ की जय बोलो,
अब उनको
दण्डित करना है
जो दुश्मन राग सुनाते हैं.
गोरी, गजनी
तैमूरों के
मत हाथों के हथियार बनो.
आज़ाद,
विवेकानंद बनो
ओ साथी मत गद्दार बनो,
जो मंत्र
शकुनियों से लेते
वो कुरुक्षेत्र बन जाते हैं.
यह धन्यभूमि
भारत माता
सौ सौ अपराध क्षमा करती,
यह ज्ञान, दान
भोजन देकर
शरणागत की झोली भरती,
इस भारत माता
के कमल पुष्प
देवों को रोज रिझाते हैं.
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| स्वामी विवेकानंद जी |
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| चित्र साभार गूगल |
एक गीत -आसपास फूलों की गंध को सजाएँ
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| चित्र साभार गूगल |
प्रभु जगन्नाथ जी एक भक्ति गीत -हे जगन्नाथ भगवान वृंदावन के मुरलीधर हे जगन्नाथ भगवान. महाभोग की महिमा गाते भक्त और भगवान. बहन सुभद्रा, ...