![]() |
| शरद पूर्णिमा चित्र साभार गूगल |
ओ शरद की
पूर्णिमा
स्वागत तुम्हारा है.
आज का
मौसम अलौकिक
और प्यारा है.
खीर के
सुंदर कटोरे
छतों पर रखना,
ओ गगन की
चाँदनी
आकर इन्हें चखना,
आज
निधिवन
रास का सुंदर नज़ारा है.
माँ लक्ष्मी का
जन्मदिन
हम सब मनाएंगे,
आज बन
गंधर्व हम
भी गीत गाएंगे,
फूल,
खुशबू
हवन, गुंजित मंत्र प्यारा है.
स्वर्ग सा
उल्लास
फैला है दिशाओं में,
आज निखरा
चन्द्रमा
सोलह कलाओं में,
यह उजाला
कुछ तुम्हारा
कुछ हमारा है.
![]() |
| सागर मंथन माता लक्ष्मी का अवतरण |

