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| चित्र -गूगल से साभार |
एक गीत -तब साथी मंगल पर जाओ
धरती की
धरती की
उलझन सुलझाओ |
तब साथी
मंगल पर जाओ |
दमघोंटू
शहरों से ऊबे ,
गाँव अँधेरे में
सब डूबे ,
सारंगी लेकर
जोगी सा
रोशनियों के
गीत सुनाओ |
जाति -धरम
रिश्तों के झगड़े ,
पत्थर रोज
बिवाई रगड़े ,
बाजों के
नाखून काटकर
चिड़ियों को
आकाश दिखाओ |
नीली ,लाल
बत्तियां छोड़ो ,
सिंहासन से
जन को जोड़ो ,
गागर में
सागर भरने में
मत अपना
ईमान गिराओ |
मंगल पर
मत करो अमंगल ,
वहां नहीं
यमुना ,गंगाजल ,
विश्व विजय
करने से पहले
खुद को
तुम इन्सान बनाओ |
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