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| चित्र -गूगल से साभार |
एक पत्ता हरा जाने किस तरह है पेड़ पर
चोंच में
दाना नहीं है
पंख चिड़िया नोचती है |
भागते
खरगोश सी पीढ़ी
कहाँ कुछ सोचती है |
उगलती है
झाग मुँह से
गाय सूखी मेंड़ पर ,
एक पत्ता
हरा जाने -
किस तरह है पेड़ पर ,
डूबते ही
सूर्य के माँ
दिया -बाती खोजती है |
पेड़ की
शाखों पे
बंजारे अभी -भी झूलते हैं ,
आज भी
हम सुपरिचित
पगडंडियों को भूलते हैं ,
सास अब भी
बहू पर
इल्जाम सारा थोपती है |
धुले आँगन में
महावर पाँव के
छापे पड़े हैं ,
दांत में
ऊँगली दबाये
नैन फोटो पर गड़े हैं ,
बड़ी भाभी
ननद को
खुपिया नज़र से टोकती है |
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| चित्र -गूगल से साभार |

