Showing posts with label एक गीत-चाँदनी निहारेंगे. Show all posts
Showing posts with label एक गीत-चाँदनी निहारेंगे. Show all posts

Tuesday, 21 September 2021

एक गीत-चाँदनी निहारेंगे

 

चित्र साभार गूगल

एक गीत-चाँदनी निहारेंगे


रंग चढ़े

मेहँदी के

मोम सी उँगलियाँ ।

धानों की

मेड़ों पर

मेघ औ बिजलियाँ ।


खुले हुए

जूड़े और

बच्चों के बस्ते,

हँसकर के

खिड़की से

सूर्य को नमस्ते,

फूलों का

माथ चूम

उड़ रहीं तितलियाँ ।


 ढूँढ रहे

अर्थ सुबह

रातों के सपने,

रखकर

ताज़ा गुलाब

पत्र लिखा किसने,

आटे की

गोली सब

खा गयीं मछलियाँ ।


आहट

दीवाली की

किस्से रंगोली के,

दिन लौटे

दिए और

पान-फूल रोली के

चाँदनी

निहारेंगे छत

आँगन-गलियाँ ।



एक गीत -जीता भारत देश हमारा जीत गया बंगाल

  नेताजी सुभाष चंद्र बोस  एक गीत -जीता भारत देश हमारा जीत गया बंगाल  गुरुदेव रविन्द्रनाथ ठाकुर  जीता भारत देश हमारा  जीत गया बंगाल. नरभक्षी ...