Thursday, 6 May 2021

एक गीत -बंजारा टीले पर बाँसुरी बजाए

 

चित्र -साभार गूगल 

ईश्वर आपको पूरे मुल्क को डर ,भय और विषाद से मुक्त करे |देश का मौसम फिर से पहले जैसा हो |अनहोनी पर विराम लगे सबके घर शुभ और मंगल हो |सादर 

एक गीत -बंजारा टीले पर बाँसुरी बजाए 

बंजारा 
टीले पर 
बाँसुरी बजाए |
विद्यापति 
सूरदास 
मीरा बन गाए |

कच्ची हल्दी 
उबटन 
मेंहदी का संग रहे ,
पेड़ों पर 
पात हरे 
फूलों में रंग रहे ,
पचमढ़ी 
शिमला 
फिर यादों में आए |

मौसम फिर 
पहले सा 
मदभरी हवाएँ हों ,
कुछ सच्ची 
कुछ झूठी 
प्रेम की कथाएँ हों ,
अधखुली 
किवाड़ 
मधुर चूड़ी खनकाए |

हुक्का -पानी 
खैनी 
चाँदी के पानदान ,
कोहबर के 
छापे हों 
खपरैलों के मकान ,
औचक ही 
बैठक में 
अतिथि कोई आए |

कवि -जयकृष्ण राय तुषार 

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