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एक देशगान -स्मित माछर जैसे बेटों पर है गर्व तिरंगा को
सीता राम कैप्टन स्मित माछर राष्ट्र को समर्पित गीत एक देशगान -सरयू तट पर राम लिखो सुबह -सुबह जब सूरज निकले सरयू तट पर राम लिखो. जब भी...
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चित्र -साभार गूगल एक ग़ज़ल-चाँदनी का रंग भी सादा न था प्यार करने का कोई वादा न था पर तेरी नफ़रत का अंदाजा न था बाद की जंगों में रावण बच गए...
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चित्र -गूगल से साभार प्यार के हम गीत रचते हैं इन्हीं कठिनाइयों में खिल रहा है फूल कोई धान की परछाइयों में | सो रहे खरगोश से दिन पर्...
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चित्र साभार गूगल एक गीत-चाँदनी निहारेंगे रंग चढ़े मेहँदी के मोम सी उँगलियाँ । धानों की मेड़ों पर मेघ औ बिजलियाँ । खुले हुए जूड़े और बच्चों के...


बहुत सुन्दर धन्यवाद
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (14-05-2016) को "कुछ जगबीती, कुछ आप बीती" (चर्चा अंक-2342) पर भी होगी।
ReplyDelete--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
बहुत सुन्दर
ReplyDeleteजय जय
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