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महामाहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी |
भारत के इतिहास में आज अविस्मरणीय दिन होगा जब समाज के सबसे पिछड़े तबके की एक स्त्री भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होगी जिसे भारत में महामहिम राष्ट्रपति कहा जाता है. धन्य हैं मोदी जी जिन्होंने समाज के हर वर्ग को सम्मान दिया.
एक गीतिका
धुंध में जलते दिए की सूर्य बनने की कहानी
द्रौपदी मुर्मू तुम्हारे स्वागतम में राजधानी
भारतीय इतिहास स्त्री मान की यह स्वर्ण बेला
फिर शिलालेखों में लिखना लोक की यह सत्यबानी
एक वन की नदी कैसे बन गयी है महासागर
आदिवासी लाडली अब हो गयी दुर्गा भवानी
मौसमों का दंश वह बनफूल बन सहती रही
रास्तों में हमसफ़र थे धूप, बारिश, आग -पानी
श्रेष्ठ भारत भूमि यह जिसमें सभी का मान है
धन्य हैं मोदी कि जिसने तोड़ दी जड़ता पुरानी
जयकृष्ण राय तुषार
नमस्ते,
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शुक्रवार 22 जुलाई 2022 को 'झूला डालें कहाँ आज हम, पेड़ कट गये बाग के' (चर्चा अंक 4498) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। 12:01 AM के बाद आपकी प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।
आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल शनिवार (23-07-2022) को चर्चा मंच "तृषित धरणी रो रही" (चर्चा अंक 4499) पर भी होगी!
ReplyDelete--
सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार कर चर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
हार्दिक आभार सर
Deleteचिर संघर्ष की सुखद अनुभूति है श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी की महामहिम राष्ट्रपति बनने की यात्रा। सच में यह भारत के इतिहास का यह अविस्मरणीय रहेगा, जब समाज के सबसे पिछड़े तबके की एक स्त्री भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होगी जिसे भारत में महामहिम राष्ट्रपति कहा जाता है।
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका. सादर प्रणाम
Deleteआदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी के हमारी नई महामहिम चुने जाने के उपलक्ष्य में लिखी सुंदर गीतिका । बधाई और शुभकामनाएं।
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका. सादर अभिवादन
Deleteएक वन की नदी कैसे बन गयी है महासागर
ReplyDeleteआदिवासी लाडली अब हो गयी दुर्गा भवानी
वाह!!!!
बहुत ही सुन्दर एवं प्रेरक.सृजन वाकई गर्व की बात है
तमाम विसंगतियों को पार कर आज महामहिम अपने उचित स्थान पर
लाजवाब सृजन आपका ।
हार्दिक आभार आपका. सादर अभिवादन
Deleteबहुत अच्छा विनम्र स्वागत महामहिम का ।
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका. सादर प्रणाम
DeleteGreat
ReplyDeleteवाह!बहुत ही सुंदर सृजन सर।
ReplyDeleteसादर