Sunday, 25 January 2026

एक देशगान -संविधान का गर्व तिरंगा

 

चित्र साभार गूगल तिरंगा


एक देशगान.

संविधान का गर्व तिरंगा 


संविधान का गर्व तिरंगा 

भारत का अभिमान है.

एक -एक धागे में इसके 

वीरों का बलिदान है.


शस्य श्यामला धरती 

इसकी मिट्टी प्यारी है,

विविध रंग के फूलों की 

यह अनुपम क्यारी है,

मानस की चौपाई सुन्दर

सामवेद का गान है.


सब तीर्थ यहाँ पर मिलते हैं 

इसमें गंगा का पानी है,

ऋषियों, मुनियों का तप इसमें 

यह मिट्टी ही वरदानी है,

सरहद के रक्षक सैनिक हैं

अन्नदाता यहाँ किसान है.


बहु संस्कृतियों का संगम यह 

इसका हर रंग रिझाता है,

यहाँ लोकरंग का जादू है 

हर मौसम गीत सुनाता है,

इसकी महिमा लिखना मुश्किल 

यह भारत भूमि महान है.


चंदन वन, केसर के संग संग

यह महाकाल की ज्वाला है

यह सती, रुक्मिणी, सीता है

यह गार्गी और आपाला है,

यह शास्वत और सनातन है

यह ईश्वर का वरदान है.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस


गीत कवि 

जयकृष्ण राय तुषार

6 comments:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर सोमवार 26 जनवरी 2026 को लिंक की गयी है....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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  2. जय हिन्द जय भारत भूमि!! अति सुंदर रचना, शुभकामनाएँ!

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    1. आपका हृदय से आभार. सादर अभिवादन

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  3. वाह! राष्ट्र को समर्पित बहुत सुंदर गीत! ये आपकी लेखनी से ही सम्भव है तुषार जी! गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई 🙏🌹

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    Replies
    1. आपका हृदय से आभार. सादर अभिवादन

      Delete

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