Friday, 9 January 2026

पुस्तक समीक्षा -सफऱ के बाहर

 

सफऱ के बाहर ग़ज़ल संग्रह
कवि /प्रकाशक अरुण कुमार
कल डाक से कवि /प्रकाशक अरुण कुमार समस्तीपुर द्वारा भेजा ग़ज़ल संग्रह मिला अच्छी गज़लों का संकलन है इसमें 127 ग़ज़लें हैँ. अरुण कुमार की ग़ज़लें खूबसूरत हैं. इन्होने अपना प्रकाशन भी शुरू किया है. प्रकाशन का नाम भूमिजा है. रेखांकन भी बढ़िया है जिसे अरुण जी ने स्वयं बनाया है.


रोशनी की तलाश करते हैं 

अब ये मंज़र उदास करते हैं 

या ग़र थोड़ी औकात बड़ी हो जाती है 

रिश्तों से सौगात बड़ी हो जाती है 

या 

लूट के समान से घर भर गए 

छोड़िये इंसान कितने मर गए 

आपने फेंके थे जितनी दूर तक 

उससे भी आगे बहुत पत्थर गए 

या 

गुलों से ख़ार का किस्सा अलग है 

मेरे किरदार का किस्सा अलग है 

यह संग्रह ग़ज़ल समीक्षक डॉ नित्यानंद श्रीवास्तव जी को समर्पित है

मैं गज़लकार और प्रकाशक अरुण कुमार को इस संग्रह के लिए बधाई और शुभकामनायें देता हूँ. पाठकों के बीच यह लोकप्रिय हो

परिचय
पुस्तक-ग़ज़ल संग्रह

सफऱ के बाहर

मूल्य-250

प्रकाशक-भूमिजा समस्तीपुर, बिहार
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पुस्तक समीक्षा -सफऱ के बाहर

  सफऱ के बाहर ग़ज़ल संग्रह कवि /प्रकाशक अरुण कुमार कल डाक से कवि /प्रकाशक अरुण कुमार समस्तीपुर द्वारा भेजा ग़ज़ल संग्रह मिला अच्छी गज़लों का संकल...