Monday, 19 April 2021

एक गीत -फूँक दो फिर शंख मौसम बंद कानों में

 

चित्र साभार गूगल 

मित्रों ! यह गीत नहीं वरन आप  सभी के कुशल क्षेम के लिए ईश्वर से प्रार्थना है |

एक गीत -

फूँक दो फिर  शंख मौसम  बंद कानों में 

फूँक दो फिर 
शंख मौसम 
बंद कानों में |
महामारी 
हँस रही 
बैठी मसानों में |

बहो माँ
भागीरथी 
संजीवनी लेकर ,
स्वस्ति वाचन 
करेंगे हम
अर्घ्य फिर देकर ,
अभय हो 
जाएँ हिरण 
फिर बियाबानों में |

घाटियाँ 
महकें 
सुहागिन सांध्य बेला हो ,
छन्न से 
यह तिमिर टूटे 
पथ उजेला हो ,
तितलियों के 
पंख 
मत काटो उड़ानों में |

प्रकृति का 
सौंदर्य 
जल ,बादल हमें दे दो ,
पर्व ,उत्सव 
गीत और 
मादल हमें दे दो ,
भींगना है 
अभी बारिश 
हरे धानों में |

प्रलय रोको 
अभी बेला 
खिल रही होगी ,
गले चम्पा से 
विहँसकर 
मिल रही होगी ,
अभी 
जीवन राग 
बाकी है पियानों में |

कवि -जयकृष्ण राय तुषार 
चित्र साभार गूगल 


14 comments:

  1. जय मां हाटेशवरी.......

    आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
    आप की इस रचना का लिंक भी......
    20/04/2021 मंगलवार को......
    पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
    शामिल किया गया है.....
    आप भी इस हलचल में. .....
    सादर आमंत्रित है......


    अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
    https://www.halchalwith5links.blogspot.com
    धन्यवाद

    ReplyDelete
  2. भावपूर्ण अभिव्यक्ति । अब तो मसानों में भी जगह नहीं मिल रही ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक आभार आपका |उम्मीद पर दुनिया कायम है |सादर प्रणाम

      Delete
  3. फूँक दो फिर
    शंख मौसम
    बंद कानों में |
    महामारी
    हँस रही
    बैठी मसानों में |

    आपकी प्रार्थना स्वीकार हो,परमात्मा अपनी कृपादृष्टि डालें हम पर,
    सभी स्वस्थ रहें ,सुरक्षित रहे

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका हृदय से आभार |आप सदैव हँसती मुस्कुराती रहें घर -परिवार में कुशल मंगल रहे

      Delete
  4. वाह वाह तुषार जी! मन को विजित कर लेने वाला गीत रचा है आपने। सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुख भागभवेत।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सर आपका हृदय से आभार |आपका स्वास्थ्य उत्तम रहे घर परिवार में कुशल मंगल रहे |

      Delete
  5. आदरणीय सर,
    बहुत ही सुंदर प्रार्थना भगवान जी से सब के सुख और स्वास्थ की। पढ़ कर बहुत आनंद आया । सच , भगवान जी जल्दी से यह महामारी ले जाएँ और सभी को अच्छा स्वास्थ और लंबी आयु दें

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक आभार आपका |आप स्वस्थ और प्रसन्न रहें |

      Delete
  6. बहुत ही सुंदर

    ReplyDelete
  7. बहुत सुंदर आशावादी अभिव्यक्ति।

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक आभार आपका आदरणीय पम्मी सिंह जी

      Delete

आपकी टिप्पणी हमारा मार्गदर्शन करेगी। टिप्पणी के लिए धन्यवाद |

एक गीत - फिर गुलाबी फूल ,कलियों से लदेंगी नग्न शाखें

  चित्र -साभार गूगल  एक गीत - फिर गुलाबी फूल ,कलियों से लदेंगी  नग्न शाखें  फिर  गुलाबी  फूल ,कलियों से लदेंगी  नग्न शाखें   | पर हमारे  बीच...