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एक देशगान -स्मित माछर जैसे बेटों पर है गर्व तिरंगा को
सीता राम कैप्टन स्मित माछर राष्ट्र को समर्पित गीत एक देशगान -सरयू तट पर राम लिखो सुबह -सुबह जब सूरज निकले सरयू तट पर राम लिखो. जब भी...
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चित्र -साभार गूगल एक ग़ज़ल-चाँदनी का रंग भी सादा न था प्यार करने का कोई वादा न था पर तेरी नफ़रत का अंदाजा न था बाद की जंगों में रावण बच गए...
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चित्र -गूगल से साभार प्यार के हम गीत रचते हैं इन्हीं कठिनाइयों में खिल रहा है फूल कोई धान की परछाइयों में | सो रहे खरगोश से दिन पर्...
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चित्र साभार गूगल एक गीत-चाँदनी निहारेंगे रंग चढ़े मेहँदी के मोम सी उँगलियाँ । धानों की मेड़ों पर मेघ औ बिजलियाँ । खुले हुए जूड़े और बच्चों के...