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| भारत माता |
इस देश को शर्मसार करने वालों पर अब निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वो नेता हों छात्र हों या कार्यकर्ता कोई भी हों. राष्ट्र की गरिमा सर्वोपरि है. कुछ लोग लगातार विदेशों में जाकर भारत माँ की छवि धूमिल कर रहे हैं. अब कठोर क़ानून बनाना होगा.
जय हिन्द, वन्देमातरम
भारत माता के
मस्तक पर जो
हर दिन दाग लगाते हैं.
भारत की
संसद में
ऐसे गद्दार कहाँ से आते हैं.
भारत माता है
पराशक्ति
इसके त्रिनेत्र को मत खोलो,
सरहद के
अंदर रहना है तो
भारत माँ की जय बोलो,
अब उनको
दण्डित करना है
जो दुश्मन राग सुनाते हैं.
गोरी, गजनी
तैमूरों के
मत हाथों के हथियार बनो.
आज़ाद,
विवेकानंद बनो
ओ साथी मत गद्दार बनो,
जो मंत्र
शकुनियों से लेते
वो कुरुक्षेत्र बन जाते हैं.
यह धन्यभूमि
भारत माता
सौ सौ अपराध क्षमा करती,
यह ज्ञान, दान
भोजन देकर
शरणागत की झोली भरती,
इस भारत माता
के कमल पुष्प
देवों को रोज रिझाते हैं.
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| स्वामी विवेकानंद जी |


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