Sunday, 16 October 2011

महाप्राण निराला की पचासवीं पुण्य तिथि-एक यादगार आयोजन

हिन्दी के महान कवि पंडित सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला 
निराला जी की पचासवीं पुण्य तिथि पर निराला जी की कलम, पत्र ,टोपी, कुर्ता और डाक टिकट इलाहबाद संग्रहालय को सुपुर्द करते महाप्राण निराला के पौत्र  डॉ० अमरेश त्रिपाठी -सबसे बाएं कथाकार प्रो० दूधनाथ सिंह उनके पीछे कवयित्री अनामिका सिंह ,मध्य में संग्रहालय के निदेशक डॉ० राजेश पुरोहित उनके दायें डॉ० अमरेश त्रिपाठी उनके दायें मंगलेश डबराल एकदम दायें निराला संस्थान के अध्यक्ष चन्द्र विजय चतुर्वेदी 
महाप्राण  निराला की पचासवीं पुण्य तिथि-एक यादगार आयोजन
विगत शनिवार 15-10-2011 हिन्दी के महान कालजयी कवि महाप्राण निराला की पुण्यतिथि गरिमापूर्ण ढंग से इलाहाबाद संग्रहालय में  मनायी गयी | इस अवसर पर निराला जी की कलम ,उनका कुर्ता ,टोपी ,कुछ पत्र और महादेवी द्वारा हस्ताक्षरित भारत सरकार द्वारा जारी डाक टिकट महाप्राण निराला  के पौत्र  डॉ० अमरेश त्रिपाठी द्वारा संग्रहालय के निदेशक डॉ० राजेश पुरोहित को भेंट किया गया | इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार प्रोफेसर दूधनाथ सिंह ने किया | कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जाने -माने कवि मंगलेश डबराल थे |कार्यक्रम में भोपाल से आये चर्चित कथाकार हरि भटनागर का कहानी पाठ ,मंगलेश डबराल और दिल्ली से आयी चर्चित कवयित्री अनामिका सिंह का काव्य पाठ भी हुआ |इस कार्यक्रम का संचालन इलाहाबाद विश्व विद्यालय के हिन्दी विभाग के रीडर  सूर्यनारायण ने किया |अतिथियों का स्वागत संग्रहालय के निदेशक डॉ० राजेश पुरोहित ने किया तत्पश्चात कार्यक्रम का शुभारम्भ महाप्राण निराला जी द्वारा लिखित सरस्वती वन्दना 'वर दे ----के सस्वर पाठ से हुआ ,जिसे निराला जी के ही पौत्र डॉ० अमरेश त्रिपाठी ने किया |मंच पर निराला साहित्य संसथान के अध्यक्ष श्री चन्द्र विजय चतुर्वेदी जी भी उपस्थित थे |कार्यक्रम में निराला जी के प्रपौत्र युवा कवि विवेक निराला महाप्राण निराला की पौत्र वधू और अमरेश त्रिपाठी जी की धर्मपत्नी एवं असोसिएट प्रोफेसर  डॉ० अर्चना त्रिपाठी [एस० एस० खन्ना डिग्री कालेज ,इलाहाबाद ]एवं निराला जी के ही एक अन्य पौत्र डॉ० अखिलेश त्रिपाठी जी मौजूद थे |प्रमुख श्रोताओं में डॉ० एस० के० शर्मा ,श्री राजेश मिश्र ,श्री रंजन शुक्ल ,डॉ० प्रभाकर पाण्डेय [संग्रहालय से ]उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो० अली अहमद फातमी [इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ]प्रोफेसर अनीता गोपेश ,अनिल सिद्धार्थ ,कमल किशोर यश मालवीय ,हरीश चन्द्र पांडे अजित पुष्कल आदि मौजूद थे |
महाप्राण निराला की पचासवीं पुण्य तिथि पर इलाहाबाद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम  में कहानी पाठ करते कथाकार हरि भटनागर एकदम बाएं कवयित्री अनामिका सिंह उनके दायें क्रमश वरिष्ठ कथाकार और कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर दूधनाथ सिंह ,मंगलेश डबराल और चन्द्र विजय चतुर्वेदी अध्यक्ष निराला साहित्य संस्थान इलाहाबाद 

7 comments:

  1. Nirala ji ko naman..sundar prastuti.

    ReplyDelete
  2. महाप्राण निराला को नमन।

    ReplyDelete
  3. पं. सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ को शत-शत नमन!

    ReplyDelete
  4. महाकवि निराला जी को नमन।

    ReplyDelete
  5. महाकवि को हम याद करते हैं ये जान कर बहुत ख़ुशी हुई...

    नीरज

    ReplyDelete
  6. santosh chaturvedi17 October 2011 at 21:00

    मैं एक सेमीनार में भाग लेने बनारस चला गया था.आपकी रपट पढ कर गोष्ठी में न रहने की कमी पूरी हो गयी.महाप्राण निराला को मेरा नमन.
    santosh chaturvedi.

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणी हमारा मार्गदर्शन करेगी। टिप्पणी के लिए धन्यवाद |

एक आस्था का गीत -कलियुग का उद्धार करेंगे त्रेता के श्रीराम

एक आस्था का गीत - कलियुग का उद्धार करेंगे त्रेता के श्री राम   स्वर्ग से सुन्दर बने अयोध्या  सरयू पावन  धाम | कलियुग का उद्धा...