Saturday, 14 March 2026

पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह पढ़ते हुए

 अद्भुत क्षण महान भजन गायक आदरणीय श्री अनूप जलोटा जी मेरी किताब पढ़ते हुए. और प्रसंशा करते हुए आदरणीया श्रीमती दीप्ती चतुर्वेदी जी के प्रति हृदय से कृतज्ञ हूँ जिनकी कृपा मुझ पर रहती है. आप सभी का दिन शुभ हो 

पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह 
पढ़ते हुए 


पद्मश्री अनूप जलोटा जी को 
ग़ज़ल संग्रह भेंट 26/03/2026


2 comments:

आपकी टिप्पणी हमारा मार्गदर्शन करेगी। टिप्पणी के लिए धन्यवाद |

एक देशगान -संत विवेकानंद बनो

  संत विवेकानंद जी  एक देशगान -भारत माँ के युवा सपूतों  भारत माँ के  युवा सपूतों  फूलों का मकरन्द बनो. आर्यभट्ट,  अब्दुल कलाम  या संत विवेका...