Tuesday, 19 September 2023

गणेश उत्सव और महान क्रन्तिकारी तिलक

प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश 

लोकमान्य तिलक और गणेश उत्सव 

मुंबई के चौपाटी पर समुद्र की लहरों को देखता एक राष्ट्रवादी, क्रन्तिकारी विचारों में खोया था की राष्ट्र को जाति पांति के बंधन से मुक्त कैसे किया जाय और राष्ट्रीय आंदोलन में प्रबल जनमत कैसे तैयार किया जाय. तभी ट्रेन में मिले एक सन्यासी( बॉम्बे से पुणे जाते हुए )का वाक्य याद आया. भारतीय जनता की रीढ़ धर्म है. फिर उस क्रन्तिकारी ने पुणे में प्रथम बार 1893 में गणेश उत्सव का सार्वजनिक आयोजन किया. यह सभी लोगों के लिए था बिना किसी भेदभाव के. यह पूजा पहले भी शिवाजी महाराज जैसे कई राजा व्यक्तिगत तौर पर करते थे लेकिन राष्ट्रव्यापी बनाया महान वकील समाज सुधारक क्रन्तिकारी तिलक ने.तिलक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन की विफलता के कारणों से अत्यधिक चिंतित थे. क्योंकि उस आंदोलन में जनता का सहयोग सीमित था.बालगंगाधर तिलक के सदप्रयास से आज गणेश उत्सव न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्र का उत्सव बन गया है. इस महान देश भक्त को कोटि कोटि नमन.यह बड़ा काम था. आप सभी को गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनायें.

 

महान विचारक क्रन्तिकारी तिलक 

चलो मुश्किलों का हल ढूंढे खुली किताबों में

  आदरणीय श्री रमेश ग्रोवर जी और श्री आमोद माहेश्वरी जी एक पुराना गीत सन 2011 में लिखा गया  चलो मुश्किलों का हल ढूँढें खुली किताबों में  मित्...