Sunday, 5 April 2020

एक गीत -एक दिए की लौ में होगी हँसकर सारी बात

माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी
यशस्वी प्रधानमन्त्री ,भारत सरकार 




विशेष -आज मेरा यह गीत माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दीप प्रज्ज्वलन के आह्वान को समर्पित है |यह गीत उन योद्धाओं को भी समर्पित है जो प्रशासन,पुलिस,चिकित्सा,या किसी भी रूप में  इस जंग में शामिल हैं |यह कविता उन महान दानवीरों को भी समर्पित है जिन्होंने दिल खोलकर सरकार की मदद किया। आज रात नौ बजे नौ  मिनट मोदी जी के साथ दिए रहे हाथ |सादर प्रणाम सहित 


चित्र-साभार गूगल

एक गीत -एक दिए की लौ में होगी हँसकर सारी बात 

एक दिए की 
लौ में होगी 
हँसकर सारी बात |
हम जीतेंगे 
और मिलेगी 
कोरोना को मात |

जन -जन बाती 
बनें देश की 
मन में रहे हुलास ,
जम्मू ,केरल ,
पटना ,काशी 
या प्रयाग ,देवास ,

गाँव ,शहर 
के संग खड़े हों 
वन में कोल ,किरात |

खुली खिड़कियों 
से देखेंगे 
तारों भरा गगन ,
मन के जोगी
आज लगाना 
माथे पर चन्दन ,

झीने घूँघट 
में ही आना 
आज चाँदनी रात |

साथ भागवत 
लाना लेकिन 
सुनना मेरे गीत ,
पंचम दा सा 
देना मेरे 
गीतों को संगीत ,

यादगार हो 
सभी कुँवारे 
सपनों की बारात |

इन्द्रधनुष हो 
नये क्षितिज पर 
सभी दिशाओं में ,
जीवन का 
हर मन्त्र मिलेगा 
वेद ऋचाओं में ,

ऋतुएँ जब भी 
लगें उबासी 
होना तुम परिजात |

कवि -जयकृष्ण राय तुषार 


चित्र -साभार गूगल 

चलो मुश्किलों का हल ढूंढे खुली किताबों में

  आदरणीय श्री रमेश ग्रोवर जी और श्री आमोद माहेश्वरी जी एक पुराना गीत सन 2011 में लिखा गया  चलो मुश्किलों का हल ढूँढें खुली किताबों में  मित्...