![]() |
| चित्र -गूगल से साभार |
आयेंगे
फिर अच्छे
मौसम आयेंगे |
हम
खेतों में धान
खेतों में धान
रोपकर गायेंगे |
कुछ
दिन और
प्रतीक्षा करना ,
फिर
मौसम
बाँहों में भरना ,
सुख के
दिन राहों में
फूल सजायेंगे |
दिन राहों में
फूल सजायेंगे |
प्रकृति
होंठ पर दही लगा
आचमन करेगी ,
कहीं अजंता
कहीं एलोरा
मांग भरेगी ,
पीले
बाँसों में
करील अँखुआयेंगे |
हारिल -
तोते टहनी -
टहनी डोलेंगे ,
हम भी
उनकी ही
भाषा में बोलेंगे ,
पपिहे
पंचम दा के
सुर में गायेंगे |
असमान के
बादल होंगे
झीलों में ,
स्वप्न
हमारे होंगे
कोसों ,मीलों में ,
हम
हाथों में कोई
हाथ दबायेंगे |
