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चित्र साभार गूगल |
छठ पर्व की सभी को शुभकामनायें. छठ मैया और भगवान सूर्यदेव सकल सृष्टि और मानव हृदय को सदैव अलौकित करते रहें. सबको उत्तम स्वास्थ्य और सुख समृद्धि प्रदान करें.
एक गीत -हम नदी की धार में शुभकामना के गीत गाये
डूबते
दिनमान ठहरो,
थाल पूजा की सजाये.
हम नदी की
धार में
शुभ कामना के गीत गाये.
छठी माँ
आशीष देना
हर व्रती के द्वार मंगल,
हम चढ़ाएंगे
तुम्हें पकवान
सुन्दर पुष्प, शतदल,
मन तुम्हारी
आस्था में
तन नदी के जल नहाये.
सृष्टि का
सौंदर्य सारा
भोर के रवि से प्रकाशित,
धरा, पर्वत
घाटियाँ सब
शुभ्र फूलों से सुवासित,
मार्ग में
भटके तपस्वी
ज्ञानियों का तम मिटाये.
कवि -जयकृष्ण राय तुषार
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चित्र साभार गूगल |
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में" शनिवार 18 नवम्बर 2023 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद! !
ReplyDeleteआपका हार्दिक आभार आदरणीया यशोदा जी
Deleteसुन्दर रचना |
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका
Deleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteआपका हृदय से आभार
Deleteआपका यह सुंदर गीत सरल है किन्तु अंतिम पंक्ति 'मार्ग में भटके तपस्वी ज्ञानियों का तम मिटाये' निश्चय ही गूढ़ है। असीमित अभिनंदन।
ReplyDeleteआपका बहुत बहुत आभार. सादर अभिवादन भाई साहब को
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