Tuesday, 24 December 2019

एक गीत -राष्ट्रधर्म से बड़ा नहीं कुछ



चित्र -साभार गूगल 

एक गीत -राष्ट्रधर्म से बड़ा नहीं कुछ 

राष्ट्रधर्म से 
बड़ा नहीं कुछ 
मत बेचो ईमान को |

जाति -धर्म से 
उपर उठकर 
बदलो हिन्दुस्तान को |

गंगा की 
अमृत धारा में 
विष का अर्क न घोलो ,
सिंह गर्जना 
करके भारत-
माता  की जय बोलो ,

तोड़ न 
पाये सारी दुनिया 
भारत के अभिमान को |

दुश्मन के 
नापाक इरादे 
खतरनाक हैं संभलो ,
जयचंदों 
के षड्यन्त्रों को 
"पृथ्वी " बनकर कुचलो ,

कभी न पहुंचे 
ठेस तिरंगे -
जन गण के सम्मान को |
चित्र -साभार गूगल 



चलो मुश्किलों का हल ढूंढे खुली किताबों में

  आदरणीय श्री रमेश ग्रोवर जी और श्री आमोद माहेश्वरी जी एक पुराना गीत सन 2011 में लिखा गया  चलो मुश्किलों का हल ढूँढें खुली किताबों में  मित्...