Tuesday, 27 December 2022

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें -एक गीत




एक गीत -जगमग हिंदुस्तान

नए क्षितिज पर

नए सूर्य से

जगमग हिंदुस्तान.

विश्व समूचा

आज कर रहा

भारत का जयगान.


धर्म -संस्कृति

और राष्ट्र के

गौरव पर अभिमान,

सागर में बेखौफ़

तिरंगा

लहराता जलयान,

देख रही

दिल्ली की गद्दी

सेवक का ईमान.


नए वर्ष में

केसर महके

घर -घर बजे मृदंग,

वासन्ती

गलियों में

छेड़े मौसम संग अनंग,

हर घर हो

चंदन का टीका

काजल औ लोबान.


आम्र कुंज में

मंजरियों की

आभा रहे निराली,

खेतों में

मज़दूरन पियरी

पहने, हो खुशहाली,

इंद्रधनुष सी

छटा बिखेरे

भारत वर्ष महान.


गंगा -जमुना

विंध्य नर्मदा

निर्मल रहे हिमालय,

शंख बजाकर

करे आरती

देवभूमि देवालय,

सब धर्मों का

आदर करना

सब गुरुओं का मान.

कवि जयकृष्ण राय तुषार





एक गीत -गा रहा होगा पहाड़ों में कोई जगजीत

  चित्र साभार गूगल एक गीत -मोरपँखी गीत  इस मारुस्थल में  चलो ढूँढ़े  नदी को मीत. डायरी में  लिखेंगे  कुछ मोरपँखी गीत. रेत में  पदचिन्ह होंगे ...