Thursday, December 13, 2012

एक गीत -शायद मुझसे ही मिलना था

चित्र -गूगल से साभार 
एक गीत -शायद मुझसे ही मिलना था  
बहुत दिनों से 
गायब कोई पंछी 
ताल नहाने आया |
चोंच लड़ाकर 
गीत सुनाकर 
फिर -फिर हमें रिझाने आया |

बरसों से 
सूखी टहनी पर 
फूल खिले ,लौटी हरियाली ,
ये उदास 
सुबहें फिर खनकीं 
लगी पहनने झुमके ,बाली ,
शायद मुझसे 
ही मिलना था 
लेकिन किसी बहाने आया |

धूल फांकती 
खुली खिड़कियाँ 
नये -नये कैलेण्डर आये ,
देवदास के 
पागल मन को 
केवल पारो की छवि भाये ,
होठों में 
उँगलियाँ फंसाकर 
सीटी मौन बजाने आया |

सर्द हुए 
रिश्तों में खुशबू  लौटी 
फिर गरमाहट आई ,
अलबम खुले 
और चित्रों को 
दबे पांव की आहट भाई ,
कोई पथराई 
आँखों को 
फिर से ख़्वाब दिखाने आया |

दुःख तो 
बस तेरे हिस्से का 
सबको साथी गीत सुनाना ,
कोरे पन्नों 
पर लिख देना 
प्यार -मोहब्बत का अफ़साना ,
मैं तो रूठ गया था 
ख़ुद से 
मुझको कौन मनाने आया |
चित्र -गूगल से साभार 

18 comments:

  1. बहुत सुन्दर ...
    मनभावन गीत....

    सादर
    अनु

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  2. अति सुन्दर गीत ..

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  3. बहुत सुन्दर भावपूर्ण गीत...मन को छू जाते भाव..उत्कृष्ट अभिव्यक्ति..

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  4. लगता प्रकृति मोहती मुझसे।

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  5. दुःख तो
    बस तेरे हिस्से का
    सबको साथी गीत सुनाना ,
    कोरे पन्नों
    पर लिख देना
    प्यार -मोहब्बत का अफ़साना ,
    मैं तो रूठ गया था
    ख़ुद से
    मुझको कौन मनाने आया |

    बहुत खूब।।
    सुंदर प्रस्तुति।।।

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  6. बहुत सुन्दर गीत

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  7. आपके गीत बहुत भावपूर्ण होते हैं.. प्रकृति के रंगों ने इसे चित्रात्मक बना दिया है। बधाई एक अच्छी रचना के लिए।

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  8. भाई कैलाश शर्मा जी ,प्रवीन पाण्डेय जी ,भदौरिया जी और अनुज अंकुर जी आप सभी का बहुत -बहुत आभार |
    आदरणीया संगीता जी ,अनु जी ,अमृता जी वंदना जी दीपिका जी आप सभी का ह्रदय से आभार |

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  9. बहुत उजास भरा !

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  10. आदरणीय अरविन्द मिश्र जी ,पारुल जी और टिक्कू जी आप सभी का दिल से आभार |

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  11. मित्रों!
    13 दिसम्बर से 16 दिसम्बर तक देहरादून में प्रवास पर हूँ!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (16-12-2012) के चर्चा मंच (भारत बहुत महान) पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  12. ''मै तो रूठ गया था खुद से मुझको कौन मनाने आया ' बहुत सुन्दर वा 'भावपूर्ण गीत .पढ़कर मन आनन्दित हो गया

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  13. सर्द हुए रिश्तों में फिर से....
    वाह!इस अंश की पंक्तियाँ मन को छू गयीं .
    बहुत खूबसूरत गीत.

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  14. वाह...बहुत खूबसूरत है गीत..

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